➤ सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने संसद में रखा प्रस्ताव
➤ सरकारी और निजी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य अवकाश की मांग
➤ भारतीय परंपरा और मानसिक संतुलन का दिया हवाला
नई दिल्ली। राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा उठाते हुए सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने माता-पिता के निधन पर कर्मचारियों को कम से कम 13 दिन का सवैतनिक शोक अवकाश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू किया जाना चाहिए।
सांसद डॉ. शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता के निधन के बाद 13 दिनों तक शोक और धार्मिक कर्मकांड की परंपरा होती है। ऐसे में कर्मचारियों को इस अवधि में मानसिक रूप से संतुलित रहने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए पर्याप्त समय मिलना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में अधिकांश संस्थानों में शोक अवकाश की अवधि बहुत सीमित होती है, जिससे कर्मचारियों को सामाजिक और पारिवारिक दायित्व निभाने में कठिनाई होती है।
डॉ. शर्मा ने केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस नीति बनाने की अपील करते हुए कहा कि यह न केवल भारतीय परंपराओं के अनुरूप होगा, बल्कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संतुलन को भी मजबूत करेगा।
यह मांग अब चर्चा का विषय बन गई है और माना जा रहा है कि यदि इस पर नीति बनती है तो लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
(यूथ इंडिया ब्यूरो)


