नई दिल्ली| दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपी आतंकी उमर नबी का एक और चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें वह धमाके से पहले आत्मघाती हमलों को जायज ठहराते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में उमर एक बंद कमरे में कैमरे के सामने बैठकर अंग्रेजी में अपनी बात रख रहा है। एक मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो में वह कहता है कि इस्लाम में आत्महत्या हराम है, लेकिन बॉम्बिंग को वैध माना जा सकता है। वह आगे यह भी बोलता है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मौत तय समय और स्थान पर होगी, तो वह खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है और फिर मौत को ही अपनी मंजिल मानने लगता है। वीडियो के एक हिस्से में उमर यह स्वीकार करता है कि ऐसी सोच किसी भी लोकतांत्रिक और इंसानी व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती, क्योंकि यह जीवन, समाज और कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इस नए वीडियो के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और वीडियो की गहनता से जांच कर रही हैं। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि उमर ने ऐसे और वीडियो तो नहीं बनाए थे।
इधर, व्हाइट कॉलर टेररिज्म और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े मामले में ईडी ने मंगलवार को चार राज्यों में 30 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई हरियाणा के फरीदाबाद स्थित ‘अल फलाह यूनिवर्सिटी’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर की गई है। ईडी की टीमें फरीदाबाद, दिल्ली और मध्य प्रदेश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े ट्रस्ट और उसके प्रशासनिक अधिकारियों की गतिविधियां संदिग्ध हैं। समूह से जुड़ी नौ शेल कंपनियां भी रडार पर हैं, जिनके पते तो दर्ज हैं, लेकिन वहां कोई भौतिक गतिविधि या बिजली-यूटिलिटी का रिकॉर्ड नहीं मिला है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रालय, आईबी, एनआईए और ईडी के अधिकारियों की अहम बैठक हुई थी, जिसमें दिल्ली ब्लास्ट और उससे जुड़े व्हाइट कॉलर टेररिज्म के सभी सुरागों की गहराई से जांच को मंजूरी दी गई थी। इस कार्रवाई को उसी फैसले का हिस्सा माना जा रहा है।





