नई दिल्ली| दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन वायु प्रदूषण के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला। उपराज्यपाल के संबोधन के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने मास्क पहनकर विरोध जताया, जिस पर स्पीकर को कार्रवाई करनी पड़ी। हंगामे के चलते आप विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह को तीन दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया गया, जबकि विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
अपने अभिभाषण में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि महात्मा गांधी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और डॉ. भीमराव आंबेडकर के समता के सिद्धांतों के अनुरूप सरकार ने पिछले दस महीनों में दिल्ली के नागरिकों के कल्याण के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक बजट, इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत प्रक्रियाओं के सरलीकरण, प्रदूषण, यमुना सफाई और सड़कों जैसी पुरानी समस्याओं पर सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र किया।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर वायु प्रदूषण को लेकर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन सरकार न तो ठोस कदम उठा रही है और न ही जवाब देने को तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्यूआई मॉनिटर से छेड़छाड़ की जा रही है और ग्रैप को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सत्र नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए बुलाया गया है और प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर सार्थक बहस के जरिए दिल्ली के हित में समाधान निकालना सभी विधायकों की जिम्मेदारी है।
भाजपा नेता करनैल सिंह ने आप विधायकों के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि उपराज्यपाल के संवैधानिक अभिभाषण को बाधित करना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्क पहनकर प्रदर्शन करना दरअसल पिछले वर्षों में हुए भ्रष्टाचार और प्रदूषण की याद दिलाने जैसा है। यह शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक प्रस्तावित है, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।






