– आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ — स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, बाहर निकलने पर मास्क लगाने की अपील
गाजियाबाद। दिवाली के बाद दिल्ली–NCR में प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच गया है। लगातार पटाखों के धुएं और ठंडी हवाओं के कारण गाजियाबाद की हवा भी जहरीली हो गई है। मंगलवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) करीब 300 के आसपास दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी (Very Poor Category) में आता है।
हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के चलते लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोगों को बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में कहा गया है,
सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलने से बचें।
बाहर निकलने की स्थिति में एन-95 या सर्जिकल मास्क अवश्य पहनें।
बच्चों, बुजुर्गों और दमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
घर में एयर प्यूरिफायर या पौधों के माध्यम से वायु शुद्ध रखने का प्रयास करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली के दौरान छोड़े गए पटाखों से प्रदूषण का स्तर अचानक कई गुना बढ़ गया, वहीं इस समय हवा की रफ्तार भी बेहद धीमी है, जिससे प्रदूषक कण ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। यही कारण है कि प्रदूषण लंबे समय तक हवा में बना हुआ है।
राजनगर, कौशांबी और वसुंधरा क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई है। इन इलाकों में AQI 310 से 340 तक पहुंच गया है।
जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर रोड डस्ट कंट्रोल और वाहन प्रदूषण की जांच की जा रही है। सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया गया है।
डॉ. नीरज सक्सेना, जिला चिकित्साधिकारी ने कहा कि “इस समय प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देना चाहिए। दमा या एलर्जी वाले लोग घर के अंदर ही रहें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।”
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में AQI 400 तक पहुंच सकता है, जो “गंभीर श्रेणी (Severe)” मानी जाती है।






