दिल्ली| छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक उसके खिलाफ वर्ष 2009 और 2016 में यौन उत्पीड़न के मुकदमे पहले भी दर्ज हो चुके हैं।
आरोपी कुछ समय बाद श्री श्रृंगेरी मठ के अधीन चलने वाले वसंतकुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट का प्रबंधक बन गया। यहां पढ़ने वाली छात्राओं ने बताया कि आरोपी फेल करने और नंबर कम करने की धमकी देकर उनके साथ छेड़छाड़ करता था। वह छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजता और जबरन छूने की कोशिश भी करता था।शिकायत में यह भी सामने आया कि संस्थान की तीन वार्डन पीड़ित छात्राओं को आरोपी के पास ले जाती थीं, जबकि कुछ फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों पर भी उसकी मदद करने का आरोप है।
छात्राओं का कहना है कि आरोपी उन्हें डराता-धमकाता था और अपनी प्रतिष्ठा का दबदबा बनाकर आवाज दबाने की कोशिश करता था।
हालांकि जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी छात्रा ने दुष्कर्म की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। सभी ने केवल छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों की ही शिकायत दी है।सवाल यह उठ रहा है कि अगस्त और सितंबर में करीब दो महीने लंबी जांच के बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई। सूत्रों के मुताबिक आरोपी की लोकेशन आगरा में मिली थी, लेकिन पुलिस अभी तक उसे पकड़ने में नाकाम है।




