नई दिल्ली: साकेत जिला न्यायालय (Saket District Court) के एक अहल्मद (न्यायालय क्लर्क) ने शुक्रवार सुबह अदालत भवन की पांचवीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या (suicide) कर ली। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान हरीश सिंह महार के रूप में हुई है, जो 60 प्रतिशत शारीरिक रूप से विकलांग थे और अहल्मद के पद पर तैनात थे।
पुलिस ने बताया कि उनके पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उनके नोट में लिखा था, “कार्यालय के काम के दबाव के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूँ… मैं 60 प्रतिशत विकलांग हूँ और यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन है। मैं दबाव के आगे झुक गया। जब से मैं अहल्मद बना हूँ, मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं… मेरी आत्महत्या के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।” हाईकोर्ट से अनुरोध करता हूं कि व्यक्ति को रियायत दी जाए, ताकि भविष्य में कोई मेरे जैसा कष्ट न सहे”
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में भागकर सभी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। जब तक लोग मौके पर पहुंचते तबतक क्लर्क हरीश सिंह की मौत हो गई थी। वहीं इस दौरान अदालती कार्यवाही कुछ समय के लिए रोक दी गई। इस घटना को लेकर कोर्ट के कर्मियों में शोक व्याप्त है। पुलिस ने बताया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


