गोदाम निर्माण, बी-पैक्स संचालन और सहकारी समितियों के सशक्तिकरण पर जोर
शाहजहांपुर: कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी (District Magistrate) धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (डीसीडीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारी समितियों के विकास, आधारभूत ढांचे के विस्तार और नवाचार के माध्यम से आय वृद्धि पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, शाहजहांपुर द्वारा डीसीडीसी के उद्देश्यों और कार्यों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2025 को ‘अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ घोषित किया गया है, जिसके तहत वर्ष भर सहकारिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने जनपद में नवगठित सहकारी समितियों के लिए गोदाम निर्माण को प्राथमिकता देते हुए संबंधित सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) और अपर जिला सहकारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तहसीलवार उपजिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
बताया गया कि जनपद में 5000 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम डीसीडीएफ शाहजहांपुर के कटरा क्षेत्र के पास प्रस्तावित है।
वहीं 2500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम सहकारी संघ ददरौल में प्रस्तावित है, जिसके लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि—
जनपद की 94 समितियों का द्वितीय चरण में कम्प्यूटरीकरण किया जाना है।
तृतीय चरण में 21 समितियों का चयन किया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कम्प्यूटरीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके साथ ही बताया गया कि जनपद में 43 बी-पैक्स समितियों का गठन किया जा चुका है, जिनमें से 11 समितियों द्वारा उर्वरक व्यवसाय शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी नवगठित बी-पैक्स समितियों को सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
नवाचार से आय बढ़ाने के निर्देश
समितियों के विकास और उत्थान को लेकर जिलाधिकारी ने उपस्थित सचिवों से उनके विचार लिए और कहा कि पारंपरिक व्यवसायों के साथ-साथ नवाचार अपनाकर समितियों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। उपदुग्धशाला विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि नन्द बाबा मिशन के अंतर्गत 72 दुग्ध समितियों का गठन किया जाना है, जिनमें से 44 समितियों का गठन पूरा हो चुका है। शेष समितियों का गठन शीघ्र किए जाने की बात कही गई।
जिलाधिकारी ने बी-पैक्स समितियों का समय से ऑडिट कराने के लिए जिला लेखा परीक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (राजस्व), सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता), मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उपदुग्धशाला विकास अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला कृषि एवं कल्याण अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर (नाबार्ड), सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी डीसीबी, जनरल मैनेजर दुग्ध संघ, जिला विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


