बारबाडोस। वेस्टइंडीज के हेड कोच डैरेन सैमी ने साफ कर दिया है कि अगर कैरेबियाई टीम को T20 वर्ल्ड कप 2026 में तीसरी बार खिताब जीतना है, तो उसकी गेंदबाज़ी को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20I सीरीज़ में 2-1 की हार के बाद सैमी ने यह बात कही। इससे पहले वेस्टइंडीज को अफगानिस्तान के खिलाफ भी टी20 सीरीज़ में हार का सामना करना पड़ा था।
इन दोनों सीरीज़ में वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों का प्रदर्शन चिंता का विषय रहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों में टीम को सिर्फ 10 विकेट मिले, जबकि पहले दो मुकाबलों में गेंदबाज़ों ने 401 रन लुटा दिए और केवल चार विकेट ही हासिल कर सके। तीसरे टी20I में गेंदबाज़ी कुछ बेहतर दिखी, लेकिन वह मैच बारिश के कारण सिर्फ 10 ओवर तक ही सीमित रहा।
डैरेन सैमी ने माना कि टीम की आगे की राह पूरी तरह गेंदबाज़ों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में जीत के लिए गेंद से लगातार दबाव बनाना बेहद ज़रूरी है। कोच के मुताबिक, जब गेंदबाज़ अपनी योजनाओं को सही ढंग से लागू करते हैं, तभी टीम मुकाबले में बनी रह सकती है।
सैमी ने टीम के सकारात्मक संकेतों की भी बात की। उन्होंने कहा कि गेंदबाज़ों ने हालिया सीरीज़ में अलग-अलग बल्लेबाज़ों के खिलाफ अपने प्लान आज़माए हैं और रवि रामपॉल जैसे अनुभवी गेंदबाज़ गेंदबाज़ी यूनिट को सही दिशा दिखा रहे हैं। इसी वजह से वे वर्ल्ड कप का इंतज़ार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि टीम सही समय पर लय पकड़ लेगी।
दो बार T20 वर्ल्ड कप जीत चुकी वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा रह चुके सैमी का मानना है कि मौजूदा स्क्वॉड की बल्लेबाज़ी यूनिट मजबूत है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ टीम को अभी सुधार की ज़रूरत है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ में विरोधी बल्लेबाज़ वेस्टइंडीज के स्पिनरों के खिलाफ औसतन 11-12 रन प्रति ओवर बना रहे थे, जबकि वेस्टइंडीज उनके स्पिन के खिलाफ लगभग सात रन ही बना पाई।
सैमी के अनुसार यही कमजोरी विपक्षी टीमें वर्ल्ड कप में भुनाने की कोशिश करेंगी। ऐसे में अगर वेस्टइंडीज को 2012 और 2016 की तरह फिर से चैंपियन बनना है, तो बल्लेबाज़ी के साथ-साथ गेंदबाज़ी में भी संतुलन और निरंतरता लानी होगी।






