डकार गए थानेदार 5 किलो सेम के बीज फिर भी नहीं किये दबंगों पर सख़्ती, पीड़ित पहुंचा हुक्मरान 

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पीड़ित रवि कुमार 

युवक के दोनों हाथ तोड़ कर दिया था मरणासन्न, मुकदमा दर्ज 

फर्रुखाबाद। थाना कमालगंज पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एक दलित युवक के साथ बेरहमी से मारपीट कर दोनों हाथ तोड़ देने के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई न होने से पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कादरी गेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला जंगबाज घोड़ा नखास निवासी अनिकेत कुमार के चाचा रवि कुमार ने बताया कि 24 फरवरी को अनिकेत अपने ससुराल थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव शेखपुर खुर्द गया था। वहीं किसी बात को लेकर ससुरालीजनों ने उस पर लाठी-डंडों और सरिया से हमला कर दिया। हमले में अनिकेत के दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गए और सिर में भी गंभीर चोटें आईं।

घायल युवक को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल फतेहगढ़ रेफर किया गया। घटना के संबंध में थाना कमालगंज में मुकदमा संख्या 0051/2026 दर्ज किया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने धाराएं नहीं बढ़ाईं और आरोपियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

पीड़ित के चाचा रवि कुमार का कहना है कि थाना प्रभारी अवध नारायण पांडे ने होली के मौके पर उनसे 10 किलो सेम के बीज की मांग की थी। आर्थिक तंगी के कारण वह केवल 5 किलो सेम के बीज ही ला सके। रवि कुमार ने अपने चार बच्चों की कसम खाकर कहा कि वह खुद 5 किलो सेम के बीज लेकर थाना प्रभारी के पास पहुंचे थे, लेकिन इसके बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

परिजनों का आरोप है कि अब उल्टा उन्हें ही धमकाया जा रहा है और समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस और दबंग ससुरालीजनों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण से आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो सच्चाई सामने आ जाएगी और यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किस प्रकार एक गंभीर मारपीट के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए दबंगों को संरक्षण देने का काम किया। अब पीड़ित परिवार न्याय की आस में उच्च अधिकारियों की ओर देख रहा है।।

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