चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर डॉ रीना दुबे की सूझबूझ से बच्चों को किया गया परिजनों के सुपुर्द
फर्रुखाबाद। परिजनों की डांट से आहत होकर घर से निकले दो मासूम भाई-बहन पैसेंजर ट्रेन में बैठकर फिरोजाबाद से फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच गए। हालांकि समय रहते आरपीएफ पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता के चलते दोनों बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद जनपद के थाना जसराना क्षेत्र के गांव नवादा निवासी 13 वर्षीय संतोषी पुत्री सुधीर और उसका 7 वर्षीय भाई अभी चौहान अपने घर पर चाचा की डांट से नाराज हो गए थे। गुस्से में आकर दोनों भाई-बहन बिना किसी को बताए घर से निकल पड़े और शिकोहाबाद पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
रेलवे स्टेशन पर दोनों बच्चों को अकेले भटकते देख आरपीएफ पुलिस को शक हुआ। पूछताछ करने पर बच्चों ने पूरी बात बताई। इसके बाद आरपीएफ ने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की कोऑर्डिनेटर डॉ. रीना दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि घर पर डांट पड़ने से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
डॉ. रीना दुबे ने बताया कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के फर्रुखाबाद पहुंचने पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि परिजनों को सख्त हिदायत दी गई है कि बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार न करें जिससे वे मानसिक रूप से आहत होकर इस तरह के कदम उठाने को मजबूर हों। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम फिरोजाबाद जाकर भी बच्चों की स्थिति का जायजा लेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों के साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न न हो रहा हो।
परिजनों की डांट से नाराज भाई-बहन ट्रेन में बैठ पहुंचे फर्रुखाबाद, आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता से सुरक्षित लौटे


