लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध कफ सिरप कारोबार से जुड़े बहुचर्चित मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा और कड़ा कर दिया गया है। न्यायालय के आदेश पर शुभम जायसवाल और उसके पिता की संपत्तियों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अदालत ने संबंधित विभाग को संपत्ति सीज करने का औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस जारी होते ही प्रशासन ने आरोपी से जुड़ी चल-अचल संपत्तियों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही इन संपत्तियों को विधिवत जब्त किया जाएगा।
जांच एजेंसियों का मानना है कि कफ सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया गया। इसी आधार पर धन शोधन और अवैध आय को ध्यान में रखते हुए संपत्ति जब्ती की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
नेटवर्क की भी हो रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांच अब सिर्फ शुभम जायसवाल तक सीमित नहीं है। कफ सिरप की सप्लाई चेन, फंडिंग नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि इस मामले में कानून किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए संपत्ति सीज की कार्रवाई जल्द पूरी की जाए।
इस कार्रवाई को अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि ऐसे मामलों में अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध कमाई पर भी सीधा प्रहार किया जाएगा।
कफ सिरप कांड को लेकर प्रशासन और जांच एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और मामले में आगे भी बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।


