फर्रुखाबाद। स्मार्ट मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में चयनित निर्मल ग्राम महरूपुर खार में संचालित अन्नपूर्णा खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा अनुमोदित उचित दर की दुकान एवं जन सुविधा केंद्र पूर्णत: लापरवाही का शिकार बना हुआ है।
गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित यह केंद्र, जिसे ग्रामीणों को सस्ती दरों पर राशन और जनहित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किया गया था, बीते कई दिनों से ताले में बंद पड़ा है। दरवाजे पर खड़ी लंबी घास और पतेल यह बताने के लिए काफी है कि यहां न तो कोई कर्मचारी आता है और न ही कोई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राशन कार्ड धारक ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित समय पर खाद्यान्न मिलने की अपेक्षा होती है, लेकिन जब केंद्र खुलता ही नहीं तो वितरण का सवाल ही नहीं उठता। इसी तरह जन सुविधा केंद्र पर मिलने वाली आधार संशोधन, प्रमाणपत्र आवेदन, बिजली बिल जमा, पेंशन संबंधित सेवाएं भी ठप हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया। ब्लॉक कमालगंज के अधिकारियों द्वारा भी अनदेखी की जा रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि उचित दर की दुकान के नाम पर आवंटित खाद्यान्न का कहीं और दुरुपयोग हो रहा है।
जहां एक ओर शासन-प्रशासन ‘स्मार्ट ग्राम पंचायत’ के तहत गांवों को डिजिटल और सशक्त बनाने की बात कर रहा है, वहीं महरूपुर खार में यह केंद्र बंद होकर स्मार्ट मॉडल की पोल खोल रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि विभागीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ केंद्र को तत्काल संचालित कराया जाए, ताकि गांववासियों को उनकी योजनागत सुविधाएं समय पर मिल सके। यदि आप चाहें तो इस न्यूज़ रिपोर्ट में संबंधित अधिकारियों या ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और फोटो आदि भी जोड़े जा सकते हैं ताकि यह रिपोर्ट और प्रभावशाली बने।


