फतेहगढ़, फर्रुखाबाद: गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल मानी जाने वाली लोको रोड स्थित दरगाह हजरत मखदूम शाह सय्यद शाहबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा पर रबीउल अव्वल (Rabiul Awwal) महीने की नौचंदी जुमेरात (Nauchandi Jumerat) अकीदत व एहतराम के साथ मनाई गई। सुबह फजर की नमाज के बाद से ही चादरपोशी और फातिहा का दौर शुरू हो गया। बड़ी तादाद में अकीदतमंद दरगाह पहुंचकर अपने-अपने अंदाज में अकीदत पेश करते नजर आए।
गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा
दरगाह पर नौचंदी जुमेरात के मौके पर हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की मिसाल साफ दिखाई दी। नायब सज्जादा नशीन की सरपरस्ती में हुई फातिहा ख्वानी और चादरपोशी में शामिल लोगों ने मुल्क की सलामती, अमन और तरक्की के लिए दुआएं मांगी। इस दौरान जामिया चिश्तिया के तुलबा ने बेहतरीन अंदाज में कुरान पाक की तिलावत कर महफिल को रौनक بخ्श दी।
मौलाना शोएब आतिर का बयान
इस मौके पर मौलाना शोएब आतिर मदारी ने माहे रबीउल अव्वल की फजीलत बयान करते हुए कहा कि यह इस्लामी साल का तीसरा महीना है और नबी-ए-पाक ﷺ की पैदाइश का महीना होने की वजह से यह मुसलमानों के लिए बरकत वाला है। उन्होंने कहा कि इस महीने का असल मकसद नबी ﷺ से मोहब्बत, उनकी सुन्नत पर अमल और इस्लामी तालीमात को आम करना है।
नायब सज्जादा नशीन का पैगाम
खानकाह के नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम चिश्ती साबरी मुजद्दिदी ने तकरीर में कहा कि “मोहब्बत सब से, नफरत किसी से नहीं”—आज यही पैगाम हर खानकाह और दरगाह से आम किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सूफिया ने हमेशा इंसानियत के लिए अपने दरवाजे खोले और भाईचारे का पैगाम दिया।
इस मौके पर मिनहाज उर्फ लवली अंसार साबरी, रफत हुसैन, मुहम्मद हनीफ उर्फ बबलू भाई, आकिब खान, अज़हर हुसैन, मुबीन साबरी, आफताब साबरी, फरहान साबरी, शिवम, आकाश सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और फूल व चादर चढ़ाकर अपनी अकीदत पेश की।