रात में ही कराया गया पोस्टमार्टम
शाहजहांपुर| रोजा जंक्शन क्षेत्र में बुधवार शाम हुआ दिल दहला देने वाला हादसा गुरुवार को भी पूरे जिले को झकझोर रहा है। बरेली–रोजा रेलखंड पर पावर केबिन के सामने स्थित मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर तेज रफ्तार गरीब रथ एक्सप्रेस की चपेट में आकर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की भयावहता का आलम यह रहा कि बाइक ट्रेन के इंजन में फंसकर करीब दो सौ मीटर तक घिसटती चली गई और शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए।
हादसा बुधवार शाम करीब 6:10 बजे हुआ, जब बरेली से लखनऊ की ओर जा रही 12204 सहरसा–अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस रोजा स्टेशन के आउटर पर पहुंच रही थी। इसी दौरान मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से एक बाइक रेलवे ट्रैक पार करने लगी। बाइक पर लखीमपुर खीरी जिले के थाना उचौलिया क्षेत्र के गांव बनका निवासी हरिओम (26), उनके साढ़ू सेठपाल (32) निवासी विक्रमपुर चकौरा उर्फ बिकन्नापुर, सेठपाल की पत्नी पूजा (26) और उनके दो मासूम बच्चे चार वर्षीय निधि व डेढ़ वर्षीय सूर्या सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक जैसे ही चार नंबर लाइन पर पहुंची, अचानक बंद हो गई। तभी तेज रफ्तार ट्रेन ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे तो रेलवे ट्रैक पर बिखरे शवों को देखकर हर आंख नम हो गई। मासूम बच्चों के क्षत-विक्षत शव देखकर लोगों का कलेजा मुंह को आ गया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह शवों को एक स्थान पर रखा। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर से पूरा इलाका गहरे शोक में डूब गया।
मृतक हरिओम मजदूरी करते थे। वह बुधवार दोपहर रोजा की मठिया कॉलोनी में रहने वाले अपने पिता लालाराम के घर आए थे। शाम होते-होते सभी लोग लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे। समय बचाने के लिए मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने का रास्ता चुना गया, लेकिन वही रास्ता उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। बेटे, बहू और मासूम बच्चों के शव देखकर पिता लालाराम बदहवास होकर फूट-फूटकर रो पड़े। उनका विलाप सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।
प्रत्यक्षदर्शी राहुल कुमार, जो लखनऊ के रहने वाले हैं और बनका गांव के पीएचसी में कार्यरत हैं, रोजा रेलवे स्टेशन पर बरेली–बनारस एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ट्रेन आते देख उन्होंने बाइक सवारों को पटरी पर देखकर आवाज लगाई थी, लेकिन ट्रेन के शोर में उनकी आवाज सुनाई नहीं दी और हादसा हो गया।
हादसे के बाद लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी। इंजन में फंसे बाइक के हिस्सों को निकलवाया गया। टक्कर के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस का प्रेशर पाइप भी फट गया, जिसे ठीक किया गया। इस दौरान डाउनलाइन पर करीब 45 मिनट तक रेल संचालन ठप रहा। बरेली–बनारस एक्सप्रेस को आउटर पर रोका गया, उसके पीछे मुगलसराय एक्सप्रेस खड़ी रही। शवों को रेलवे लाइन से हटाने और तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन बहाल हो सका।
सूचना मिलने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके बाद वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा भी वहां मौजूद रहे। रात में ही सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। एडीएम ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद का प्रयास किया जा रहा है।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि रोजा जंक्शन के आउटर पर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से बाइक सवार ट्रैक पार कर रहे थे, तभी ट्रेन की चपेट में आ गए। दंपती, उनके दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हुई है। मामले में जीआरपी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
यह हादसा मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग की लापरवाही और खतरे को एक बार फिर उजागर करता है। कुछ मिनट की जल्दबाजी ने एक पूरा परिवार उजाड़ दिया। मासूम बच्चों की मौत ने हर संवेदनशील दिल को झकझोर दिया है और इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।






