फर्रुखाबाद। क्रिसमस डे को लेकर फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ के गिरजाघरों में जोर-शोर से तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। शहर के प्रमुख गिरजाघरों को रोशनी, सजावट और फूलों से भव्य रूप दिया गया है। देर रात तक मसीह समाज के लोग और गिरजाघरों के जिम्मेदार प्रार्थना सभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी में जुटे रहे।
सीएनआई चर्च के पादरी मनोज मसीह और स्टीफन मसीह ने जानकारी दी कि 25 :12 2025 सुबह 9:00 बजे से 1:00 बजे तक प्रार्थना सभाओं का आयोजन होगा। सिटी चर्च, फतेहगढ़ स्थित अल्लसोस चर्च, और रखा स्थित रखा चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ईसा मसीह के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाले प्रस्तुतियां होंगी।
क्रिसमस का त्योहार ईसाई समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इसे प्रभु ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता
है। पादरी ने कहा, प्रभु ईसा मसीह मानवता के पैगंबर हैं। उन्होंने जुल्म के सामने झुकने के बजाय सलीब पर लटककर कुर्बानी देना स्वीकार किया। यह हमें सिखाता है कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने और अपने कर्तव्यों के लिए समर्पित रहने की जरूरत है।
गिरजाघरों में सजावट और रोशनी के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है। चर्च परिसर के पीछे प्रभु भोज का आयोजन होगा, जहां मसीह समाज के लोग मिलकर क्रिसमस की खुशियां साझा करेंगे। प्रार्थना सभा के बाद समाज के लोग एक-दूसरे को बधाई देंगे और मिलकर उत्सव का आनंद लेंगे।
क्रिसमस का त्योहार न केवल ईसाई समुदाय बल्कि पूरी मानवता के लिए एकता, प्रेम, और भाईचारे का संदेश देता है। यह त्योहार विश्व स्तर पर मनाया जाता है, जहां लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं और जरूरतमंदों की मदद करके मानवता के प्रति अपने कर्तव्य को निभाते हैं।
शहर के विभिन्न गिरजाघरों में सजावट और कार्यक्रमों को देखने के लिए अन्य समुदायों के लोग भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। क्रिसमस का यह उत्सव न केवल ईसाई समाज के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए आनंद और उल्लास का प्रतीक बन गया है।




