फर्रुखाबाद: शासन की कड़ी निगरानी चलते खनन विभाग ने गुरुवार सुबह अवैध खनन (illegal mining) व ओवरलोडिंग (overloaded) के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिला खनन अधिकारी संजय प्रताप व एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत के नेतृत्व में बघार क्षेत्र में खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों की संयुक्त चेकिंग की गई। इस दौरान तीन ओवरलोड ट्रक (overloaded trucks) पकड़े गए, जिनमें गिट्टी और मोरंग भरी थी।
एक ट्रक में खनन विभाग की रॉयल्टी कम जमा पाई गई और वह ओवरलोड भी था। इसे मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी बघार पर सीज कर दिया गया। खनन विभाग ने इस पर 27,700 रुपये और परिवहन विभाग ने 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा दो अन्य ओवरलोड ट्रकों पर 77,000 रुपये का अर्थदंड ठोका गया। कुल मिलाकर खनन विभाग ने 27,700 रुपये और परिवहन विभाग ने 1,07,000 रुपये की वसूली की।
ये ट्रक कुख्यात खनन माफिया विक्रांत उर्फ राना सरकार के ठिकाने के पास से पकड़े गए। राना सरकार का असली कारोबार विभागीय सेटिंग और सांठगांठ के जरिये बिना रॉयल्टी ट्रक पास कराना और ओवरलोडिंग कराना है। उसका नेटवर्क सिर्फ फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों तक फैला हुआ है।
राना सरकार का नाम पहले भी कई बार अवैध खनन और ओवरलोडिंग में सामने आ चुका है। 2022 और 2023 में उसके ट्रकों पर कार्रवाई हुई थी, वहीं 2024 में जहानगंज क्षेत्र में छापेमारी कर दर्जनों ट्रक सीज किए गए थे। आरोप है कि वह राजस्व और पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों से मिलकर ट्रकों को बिना रॉयल्टी पास कराता रहा है।
दबाव और प्रभाव के दम पर हर बार कार्रवाई से बच निकलने वाला राना सरकार इस बार फिर प्रशासन की जद में आ गया है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह औचक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।