प्रयागराज। शहर में पत्रकारिता की आड़ में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर अब पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। कथित पत्रकारों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया गया है, जिससे पूरे मीडिया जगत में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय से ऐसे मामलों की शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें खुद को पत्रकार बताने वाले कुछ लोग आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए। इस पर विभिन्न पत्रकार संगठनों ने भी चिंता जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने उन व्यक्तियों की पहचान करनी शुरू कर दी है, जो बिना किसी वैध पहचान या संस्थान के नाम पर पत्रकारिता का दावा कर रहे थे और उसका दुरुपयोग कर रहे थे। इसी कड़ी में एक मामले में पत्रकार से अभद्रता और मारपीट के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक कथित पत्रकार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से शाहगंज और सिविल लाइंस थाना क्षेत्रों में की जा रही है, जहां से इस तरह की गतिविधियों की अधिक शिकायतें सामने आई थीं। पुलिस अब इन क्षेत्रों में सक्रिय संदिग्ध लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की छवि खराब करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जो भी व्यक्ति अवैध रूप से पत्रकारिता का नाम लेकर गलत कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के बाद जहां एक ओर असली पत्रकारों ने राहत की सांस ली है, वहीं फर्जी पहचान के सहारे गलत गतिविधियां करने वालों में हड़कंप मच गया है।


