अमृतपुर/फर्रुखाबाद: गंगा एवं रामगंगा नदियों (Ganga and Ramganga rivers) में आए सैलाब के कारण कई समस्याएं पैदा हो गई। जिसमें तटवर्ती गांवों के नागरिक परेशान हुए और आवारा गोवंश भी इस बाढ़ की चपेट में आकर दलदलीय भूमि में फंस गए। हर तरफ पानी ही पानी होने के कारण यह गोवंश सुखे टापू की तरफ चले गए। लेकिन वहां से निकल नहीं पाए। चारे की कमी के कारण यह गौवंश कमजोर होने लगे और इस टापू पर फंस कर रह गए। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों द्वारा गोवंश के रक्षक दलों (Cow protection team) को हुई तो उन्होंने अपनी एक संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर इन गोवंशों को सुरक्षित निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।
एक दर्जन से अधिक फंसे हुए गौवंशो में से इन रक्षक दल के सदस्यों ने चार को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। इन लोगों ने बताया कि अभी और गोवंश फंसे हुए हैं। जिन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासनिक तौर पर किसी प्रकार की कोई सहायता न मिलने के कारण इन्हें निकालने में देरी हो रही है। मौके पर पहुंचे गौ सेवकों में अभय चौहान अनमोल पांडे शिवम पाठक मुकुल बाजपेई सचिन पंडित प्रदीप अवस्थी छोटू सचिन सत्यम ठाकुर दरोगा विमल कुमार दरोगा राघवेंद्र भदोरिया मौके पर मौजूद रहे।
युवाओं के जोश ने गोवंशों की जान बचाने में काफी सहयोग किया। अभी इन गौ रक्षको का हौसला कम नहीं हुआ है आगे और भी फंसे हुए गौवंशो को निकालने का प्रयास इन लोगों की तरफ से पुनः किया जाएगा।


