उत्तर प्रदेश के Hardoi स्थित Sandila Industrial Area में वर्ष 2011 में हुए जहरीली गैस रिसाव कांड में सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश कुसुम लता (एच.जे.एस.) की अदालत ने आरोपी अमित कुमार श्रीवास्तव उर्फ अमिताभ अस्थाना को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-द्वितीय के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और सात लाख रुपये के अर्थदंड की सजा दी। इसके साथ ही धारा 308, 278, 284 और 287 के तहत भी दोष सिद्ध पाया गया, जिनमें अलग-अलग सजाएं और जुर्माना निर्धारित किया गया है, हालांकि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
यह मामला 28 और 29 जनवरी 2011 की रात का है, जब सण्डीला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक रासायनिक फैक्ट्री से जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में इंद्राणी, भोला, श्रीराम गुप्ता, संदीप कुमार, प्रमोद कुमार शुक्ला और शैलेन्द्र कुमार सहित छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि आरोपी को गैस के खतरनाक प्रभावों की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इसी लापरवाही के कारण यह गंभीर हादसा हुआ, जिससे लोगों की जान गई और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा।
फैसले के बाद पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए मामले को उत्तर प्रदेश पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेज दिया गया है, जो दो माह के भीतर इस पर निर्णय लेगा।
फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी की जमानत निरस्त कर दी गई और उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया। इस निर्णय को औद्योगिक सुरक्षा और लापरवाही के मामलों में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।


