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Monday, April 13, 2026

बिहार में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू, 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण

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नीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा, एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर लगेगी मुहर; पीएम मोदी रहेंगे समारोह में शामिल
पटना।
बिहार की सियासत में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच नई सरकार के गठन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार को राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने पटना के डीएम, एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर शपथ ग्रहण समारोह की रूपरेखा तय की। लोकभवन में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा से लेकर प्रोटोकॉल तक हर पहलू पर विस्तृत चर्चा की गई, जिससे यह साफ हो गया है कि सत्ता परिवर्तन अब बस औपचारिकता भर रह गया है।

इसी बीच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा खुद उनके आवास पहुंचे और करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद सुरक्षा व्यवस्था अचानक कड़ी कर दी गई। 5 देश रत्न मार्ग स्थित आवास के 100 मीटर के दायरे में आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जिससे सियासी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को दोपहर 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इससे पहले सुबह 11 बजे उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट की आखिरी बैठक होगी, जिसे मौजूदा सरकार की अंतिम औपचारिकता माना जा रहा है। इस्तीफे के बाद वे 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास में शिफ्ट हो सकते हैं, जिसका उन्होंने निरीक्षण भी किया है।

राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। दोपहर 2 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक अटल सभागार में होगी, जबकि 3 बजे जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक में नए नेता का चयन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है और उनकी मौजूदगी में ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी व्यापक तैयारियां चल रही हैं। 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वे 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंचेंगे। समारोह को लेकर पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच सियासी माहौल को और गर्माने वाले संकेत भी सामने आए हैं। जदयू कार्यालय से ‘25 से 30 फिर से नीतीश’ वाले पोस्टर हटाए जा चुके हैं, जबकि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मंदिरों में महायज्ञ आयोजित किए जा रहे हैं। ललन सिंह और संजय झा जैसे वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता भी संकेत दे रही है कि नई सरकार का खाका लगभग तैयार है। कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है और पूरे राज्य की निगाहें आने वाले दो दिनों पर टिकी हैं।

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