वाराणसी/सोनभद्र: उत्तर प्रदेश पुलिस (UP police) ने शुक्रवार को अदालत के आदेश के बाद कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी (Cough syrup smuggling) के मुख्य आरोपी भोला प्रसाद की लगभग 28.50 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि सोनभद्र नगर सर्कल अधिकारी रणधीर कुमार मिश्रा की देखरेख में वाराणसी के तीन अलग-अलग स्थानों पर कुर्की की गई। वाराणसी कमिश्नरेट क्षेत्र का निवासी प्रसाद फिलहाल सोनभद्र जिला जेल में बंद है।
सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार की विशेष जांच टीम की जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी एक संगठित गिरोह चला रहा था और उसने इस अवैध धंधे से लगभग 28.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली थी।
जांच के आधार पर संपत्तियों की पहचान की गई और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 (आपराधिक गतिविधि से प्राप्त संपत्ति की कुर्की, ज़ब्ती या बहाली) के तहत कुर्की हेतु न्यायालय में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। वर्मा ने बताया कि साक्ष्यों पर विचार करते हुए न्यायालय ने गुरुवार को कुर्की आदेश जारी किए, जिसके बाद पुलिस की एक टीम वाराणसी भेजी गई और प्रक्रिया शुरू हुई।
पुलिस के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में वाराणसी स्थित इंडियन बैंक की संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय शाखा में 1,13,93,276 रुपये मूल्य की दो सावधि जमा रसीदें शामिल हैं, जबकि 6,89,607 रुपये की शेष राशि वाले दो अन्य बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
जब्ती में 1.22 करोड़ रुपये के अनुमानित वर्तमान मूल्य वाली एक मर्सिडीज-बेंज कार और वाराणसी में प्रसाद की पत्नी शारदा जायसवाल के नाम पर फरवरी 2023 में 3.03 करोड़ रुपये में खरीदे गए दो आवासीय मकान भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वाराणसी के भेलूपुर इलाके में उनकी पत्नी के नाम पर जुलाई 2025 में 23 करोड़ रुपये में खरीदी गई एक इमारत भी जब्त कर ली गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, आरोपी को कोलकाता पुलिस की मदद से कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे पर उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह विदेश भागने की कोशिश कर रहा था। एसपी ने बताया कि वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशों के तहत शुक्रवार को कुर्की की कार्यवाही की गई, जिसमें वाराणसी के पिंड्रा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और सोनभद्र शहर के सर्कल अधिकारी के नेतृत्व में टीमें शामिल थीं।
उन्होंने आगे कहा कि अवैध कफ सिरप के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उत्तर प्रदेश के अधिकारी फिलहाल कोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध भंडारण और व्यापार से जुड़े एक बड़े रैकेट की जांच कर रहे हैं, जिसका मूल्य सैकड़ों करोड़ रुपये होने का संदेह है और यह रैकेट राज्य के बाहर भी फैला हुआ है।


