फर्रुखाबाद। विकासखंड कमालगंज में पारिवारिक पेंशन और मृतक आश्रित कोटे में घोटाले की गहराई अब और भी भयानक रूप ले रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक शिक्षिका का पति रकीब, वर्ष 2016 में शादी करने के बाद भी लगातार नियमों का उल्लंघन करते हुए पेंशन ले रहा है और इस दौरान सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाया।
खास बात यह है कि रकीब का पुत्र राहिल, मृतक आश्रित कोटे में अपनी मां की जगह चपरासी की नौकरी करता है, जबकि उसकी वास्तविक तैनाती निनोरा, श्रंखलापुर में है। बीआरसी कमालगंज से अटैच होकर बाबू गिरी करता है और अपने वरिष्ठ अधिकारियों की चापलूसी करता नजर आता है। इस धांधली ने न केवल सरकारी नियमों की अवमानना को उजागर किया है, बल्कि प्रशासन और शिक्षा विभाग की ईमानदारी पर भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।शिकायतकर्ता शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कथित खाऊ–कमाऊ नीति के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र विभाग से कराई जाए, ताकि पूरा सच सामने आ सके।प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच में सेवा अभिलेख, पेंशन भुगतान के दस्तावेज, पुनर्विवाह की स्थिति, और नियुक्ति से जुड़े सभी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर मिलीभगत या भ्रष्टाचार पाया गया तो दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और कानूनी कदम उठाए जाएंगे।योगी सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच यह जांच अब बेहद अहम मानी जा रही है। सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आखिरकार नियमों के उल्लंघन और घोटाले में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






