लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही कांग्रेस पार्टी (Congress party) को शनिवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नसीमउद्दीन सिद्दीकी (Naseemuddin Siddiqui) ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार, सिद्दीकी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को भेजा है। इस इस्तीफे को उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य में कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश पार्टी प्रमुख अजय राय सिद्दीकी के आवास पर जाकर उन्हें मनाने की कोशिश कर सकते हैं। फिलहाल, पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्दीकी से संपर्क करने और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि नसीमउद्दीन सिद्दीकी ने अपने इस्तीफे पत्र में कोई विशेष कारण नहीं बताया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व से नाखुश थे और पार्टी में खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे थे। ऐसी खबरें आ रही हैं कि उन्होंने अपने कई समर्थकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि जातिवाद और सांप्रदायिकता से होने वाले अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए वे अपने सभी साथियों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे। लेकिन वे कांग्रेस के भीतर रहकर यह लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं। सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें किसी भी कांग्रेस पदाधिकारी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस काम के लिए वे पार्टी में शामिल हुए थे, वह पूरा नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ इस्तीफा देने वाले सभी लोगों से बातचीत चल रही है। वे जिस भी पार्टी से सहमत होंगे, उसमें शामिल होकर जनता के हित के लिए लड़ना जारी रखेंगे। इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री नसीमउद्दीन सिद्दीकी बसपा अध्यक्ष मायावती के करीबी सहयोगी थे, लेकिन उन्होंने पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।


