फर्रुखाबाद। कांग्रेस अनुसूचित प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश सागर ने कहा है कि यदि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन दोबारा हासिल करनी है, तो उसे सबसे पहले अपने परंपरागत दलित वोट बैंक को वापस लाने के लिए गंभीर और ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दलित समाज आज भी कांग्रेस की ओर देखने को तैयार है, लेकिन उसे एक ऐसे विश्वसनीय और सशक्त चेहरे की तलाश है, जो उनकी आवाज बनकर शीर्ष नेतृत्व तक उनकी समस्याएं और अपेक्षाएं पहुंचा सके।

राकेश सागर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को चाहिए कि वह उत्तर प्रदेश से दलित समाज के बीच सक्रिय और जमीन से जुड़े किसी ईमानदार कार्यकर्ता को राज्यसभा सदस्य बनाए। इससे न केवल एक नया दलित चेहरा उभरेगा, बल्कि दलित समाज को यह संदेश भी जाएगा कि कांग्रेस आज भी उनके सम्मान और प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि दलित समाज की बड़ी आबादी आज भी कांग्रेस से भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है और सही नेतृत्व मिलने पर वह दोबारा पार्टी के साथ खड़ी हो सकती है।

उन्होंने दलित संगठनों से गठबंधन की राजनीति पर भी सवाल उठाए। राकेश सागर का कहना था कि केवल संगठनों से गठबंधन कर लेने से कांग्रेस को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उसे अपने पुराने वोट बैंक को सीधे अपने पाले में वापस लाने का प्रयास करना चाहिए। दलित समाज के लोग चाहते हैं कि उनकी समस्याएं सीधे कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचें और उनके हितों में फैसले हों, न कि केवल चुनावी समझौते किए जाएं।

पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि दलित समाज आज जिन मुद्दों से जूझ रहा है—शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान—उन पर कांग्रेस को स्पष्ट और प्रभावी नीति के साथ आगे आना होगा। इसके लिए ऐसे नेताओं की जरूरत है, जो न सिर्फ दलित समाज से आते हों, बल्कि उनकी पीड़ा को समझते भी हों और उसे मजबूती से उठा सकें।

राकेश सागर ने यह भी कहा कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए एक बड़ा अवसर हो सकते हैं। यदि पार्टी समय रहते नए और भरोसेमंद चेहरों को सामने लाती है और विभिन्न समाजों, विशेषकर दलित समाज का विश्वास जीतने में सफल होती है, तो कांग्रेस सत्ता में वापसी का सपना साकार कर सकती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को अब केवल अतीत की राजनीति पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य की रणनीति बनानी होगी। दलित समाज के बीच सक्रिय संवाद, जमीनी मुद्दों पर संघर्ष और उन्हें सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देना ही कांग्रेस को दोबारा मजबूत बना सकता है।

अंत में राकेश सागर ने कहा कि दलित समाज कांग्रेस से दूर नहीं हुआ है, बल्कि वह सही नेतृत्व और स्पष्ट संदेश का इंतजार कर रहा है। यदि कांग्रेस यह संकेत देने में सफल होती है कि वह दलितों की सच्ची हितैषी है, तो आने वाले समय में इसका राजनीतिक लाभ पार्टी को अवश्य मिलेगा।

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