उसमानगंज से नसरतपुर तक ग्रामीणों को राहत की आस, पर अफसर लापरवाह
जहानगंज (फर्रुखाबाद)। जनपद के उसमानगंज गांव से नसरतपुर नौगवा प्राइमरी स्कूल तक की कच्ची और बेहद जर्जर सड़क पर आखिरकार ग्रामीणों ने आवाज़ उठाई है। युवा समाजसेवी निशांत कटियार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत (शिकायत संख्या: 40015925013579) अब तक लंबित है, जबकि यह समस्या क्षेत्रवासियों के लिए वर्षों से सिरदर्द बनी हुई है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि यह करीब 50 साल पुरानी सर्विस रोड है, जिसकी हालत अब इतनी खराब हो चुकी है कि उस पर चलना भी दूभर हो गया है। खासतौर पर दिव्यांगों, बच्चों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग से रामकृष्ण महाविद्यालय रानूखेड़ा के छात्र-छात्राएं और आसपास के ग्रामीण हर दिन आते-जाते हैं। सड़क में जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। साथ ही, इस रास्ते से होकर ही किसान भाई मक्का और आलू जैसी फसलें अपने खेतों से मंडी तक पहुंचाते हैं, जो अब लगभग असंभव हो गया है।
निशांत कटियार ने 23 जुलाई 2025 को यह शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे अब तक लंबित ही दिखाया जा रहा है। न तो कोई निरीक्षण हुआ, न कोई कार्ययोजना बनी, और न ही ग्रामीणों को कोई सूचना दी गई।
सवाल उठते हैं…
क्या प्रशासन को इतनी बड़ी समस्या दिखाई नहीं दे रही?
क्या 50 साल से उपेक्षित सड़क पर कोई सुध लेने वाला नहीं?
कब तक ग्रामीण धूल, कीचड़ और जोखिम भरे रास्तों पर जान जोखिम में डालते रहेंगे?
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही आने वाले समय में और बड़ी जन समस्या का कारण बन सकती है। ग्रामीण अब इस मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी में हैं।