वाराणसी| कांग्रेस ने कोडीन युक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि इस नशे के अवैध धंधे के पीछे एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है। कांग्रेस का आरोप है कि जांच एजेंसियों की सक्रियता के बावजूद मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सीरप की अवैध सप्लाई का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां कर रही हैं। जांच में वाराणसी, जौनपुर सहित अन्य शहरों से जुड़े तार सामने आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कारोबार लंबे समय से संगठित रूप में चल रहा है।
वीडियो जारी कर कांग्रेस ने सरकार से सीधा सवाल पूछा है कि वाराणसी में सक्रिय कोडीन सिंडिकेट को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है। पार्टी का कहना है कि छोटे लोगों पर कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन बड़े और प्रभावशाली नामों पर हाथ डालने से जांच एजेंसियां कतरा रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के चलते ही अवैध कारोबार फल-फूल रहा है और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेला जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कोडीन युक्त कफ सीरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है, जिससे समाज, खासकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद सरकार इस गंभीर समस्या पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठी है। विपक्ष का आरोप है कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर होती, तो अब तक इस सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका होता।
पार्टी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में जवाबदेही नहीं दिखाई, तो वह इसे लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।






