फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी स्थित सन क्लासिस कोचिंग सेंटर में 04 अक्टूबर को हुए संदिग्ध विस्फोट मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में घायल छात्र के पिता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर घटना की निष्पक्ष पुनः जांच कराने और शासन स्तर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
सातनपुर गांव निवासी विवेक कुमार ने डीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उक्त विस्फोट में उनका बेटा रिदम यादव गंभीर रूप से घायल हो गया था। बेटे के इलाज में भारी धनराशि खर्च हो चुकी है, जिसके चलते उन्हें कर्ज लेकर उपचार कराना पड़ा। इस वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है और जीवन यापन तक मुश्किल हो गया है।
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद घायल आकाश सक्सेना ने आम लोगों के सामने स्पष्ट रूप से बयान दिया था कि वह आकाश कश्यप एवं अन्य साथियों के साथ सुतली बम लेकर आया था, जिनके फटने से यह विस्फोट हुआ। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा मामले को ‘सेफ्टी टैंक ब्लास्ट’ बताकर दर्शाया गया, जो कि वास्तविक तथ्यों के बिल्कुल विपरीत है।
विवेक कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक आकाश सक्सेना व आकाश कश्यप के शरीर से बारूद के अवशेष पाए गए थे। साथ ही घटनास्थल से सुतली बम और अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई थी, जिसका उल्लेख कई समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में किया गया। इसके बावजूद तथ्यों को नजरअंदाज कर जांच को गलत दिशा में मोड़ दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि अब तक की गई जांच से वह संतुष्ट नहीं हैं। मृतक के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य यह साफ तौर पर दर्शाते हैं कि यह घटना वारूदी विस्फोट की थी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों के साथ-साथ मकान मालिक पर भी बनती है।
पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पुनः जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनके परिवार को हुई आर्थिक, शारीरिक और मानसिक क्षति को देखते हुए शासन स्तर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने इस प्रकरण की एक प्रतिलिपि मुख्यमंत्री को भी भेजी है।

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