लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने नोएडा (Noida) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर (software engineer) युवराज मेहता की मौत का संज्ञान लेते हुए घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया है। एसआईटी में मेरठ के संभागीय आयुक्त, मेरठ जोन के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता शामिल हैं। एडीजी मेरठ जोन की अध्यक्षता वाली इस टीम को पांच दिनों के भीतर राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की 17 जनवरी की तड़के सेक्टर 150 स्थित एक निर्माण स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से मौत हो गई। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने का निर्देश भी दिया है।
युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत के आधार पर नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों में घोर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच शुरू कर दी है।
विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। परिवार के सदस्य और स्थानीय निवासी दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


