उद्योग, निवेश और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सरल बनाने पर जोर
लखनऊ: योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने गुरुवार को प्रदेश में कम्प्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन फेज-II (Compliance Reduction and De-regulation Phase-II) के अंतर्गत किए जा रहे सुधारों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नियामकीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि उद्योगों, निवेशकों और उद्यमियों को वास्तविक राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक अनुमतियों, लाइसेंस और अनुपालनों को समाप्त या सरल करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे न केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश भी तेज होगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सुधारों का जमीनी स्तर पर प्रभाव स्पष्ट दिखे और विभागीय समन्वय के साथ कार्यान्वयन हो।
बैठक में फेज-II के तहत विभिन्न विभागों में डिजिटलीकरण, समय-सीमा निर्धारण, स्व-प्रमाणन, एकल खिड़की प्रणाली और निरीक्षण सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि सुधारों की निरंतर मॉनिटरिंग हो और निवेशकों से फीडबैक लेकर आवश्यक संशोधन तुरंत किए जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को निवेश-अनुकूल, प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद राज्य के रूप में और मजबूत किया जाए, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिले।


