मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी पहल हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित होंगे,

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दिव्यांगों को मिलेगी गरिमा और आत्मनिर्भरता

संवाददाता, लखनऊ:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंगलवार को लोक भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने प्रदेश के हर मंडल मुख्यालय पर अत्याधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनकी देखभाल, शिक्षा, रोजगार व सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार का सर्वोच्च दायित्व है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह सरकार सेवा, संवेदना और समर्पण की भावना से चलती है। किसी भी दिव्यांग व्यक्ति को उपेक्षा का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रदेश के हर कोने में दिव्यांगों के लिए फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग, शिक्षा और रोजगार प्रशिक्षण जैसी सुविधाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएँगी।
योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में न केवल चिकित्सकीय सुविधाएँ हों बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने चेताया कि किसी भी जिले में संसाधनों की कमी या लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र नहीं हैं, बल्कि वे समाज के सशक्त और आत्मनिर्भर अंग हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन केंद्रों में रोजगार प्रशिक्षण, मानसिक परामर्श, और आत्मनिर्भरता कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस समीक्षा बैठक में सामाजिक कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एक वर्ष के भीतर सभी मंडल मुख्यालयों में केंद्र संचालित हो जाएँ और जहाँ आवश्यकता हो वहाँ नए भवनों का निर्माण तत्काल प्रारंभ किया जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “नए भारत में किसी भी दिव्यांग को समाज की मुख्यधारा से बाहर नहीं रखा जाएगा। योगी सरकार की नीतियाँ सेवा और सशक्तिकरण का संगम हैं।”

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