संवाददाता :लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘जल जीवन मिशन – हर घर नल योजना’ की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जल निगम और कई कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के हर घर में 15 दिसंबर 2025 तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा
“यह योजना केवल पेयजल आपूर्ति का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, महिलाओं की गरिमा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से सीधा जुड़ा मिशन है।”
सीएम योगी ने चेतावनी दी कि कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी स्तर पर धनराशि की कमी नहीं होगी।
बैठक में उपस्थित एजेंसियों जैसे एनसीसी लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, मेघा इंजीनियरिंग, पीएनसी इंफ्राटेक, आईसी इंफ्रा, पावर मैक, कल्पतरु प्रोजेक्ट्स आदि के प्रतिनिधियों से फील्ड में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई।
राज्य में इस समय ₹90,223 करोड़ की लागत से कुल 611 परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनमें से अब तक 1.98 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुके हैं।
सीएम को यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार ने इस मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
राज्य का शिकायत निवारण पोर्टल https://jalsamadhan.in अब तक 13.5 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, जिसमें 62,688 शिकायतों में से 46,354 का निस्तारण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष परियोजनाओं को मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच सके।





