लखनऊ| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार रात त्योहारों के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया। इस दौरान उन्होंने वाराणसी और प्रयागराज पुलिस कमिश्नरों को विशेष रूप से फटकार लगाई।
सीएम योगी ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से कहा कि “जब तक लखनऊ से अनुमति नहीं मिलती, वहां कोई कार्रवाई नहीं होती।” वहीं, प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार से निर्देश दिया कि बरेली पुलिस से सीख लें और उपद्रवियों पर वैसा ही कड़ा एक्शन लिया जाए। उन्होंने कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की भी हिदायत दी।
बरेली पुलिस की तारीफ
योगी ने बरेली एसएसपी अनुराग आर्य की तारीफ करते हुए कहा कि जुमे की नमाज के बाद उपद्रवियों को समय रहते काबू में करने और IMC अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा पर हुई कार्रवाई में बरेली पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। तौकीर रजा और उनके सहयोगियों को पहले ही हाउस अरेस्ट किया गया था। जुमे की नमाज के बाद हुई झड़पों में पुलिस ने 11 मुकदमे दर्ज किए और 84 लोगों को जेल भेजा, जिसमें तौकीर रजा भी शामिल थे।
कानपुर में अफवाह रोकने की सराहना
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को 8 अक्टूबर को हुई विस्फोटक घटना के दौरान अफवाह रोकने और तत्काल अलर्ट रहने पर योगी ने सराहा। इस घटना में 8 लोग घायल हुए थे और पुलिस ने अवैध पटाखों के साथ 12 लोगों को गिरफ्तार किया।
प्रयागराज में कार्रवाई में देरी पर नाराजगी
प्रयागराज के घूरपुर में नाबालिग के धर्मांतरण और बंधक बनाकर गैंगरेप की घटना में पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार से कार्रवाई में देरी और हीलाहवाली पर सवाल किया गया। सीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था की ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
वाराणसी छितौना कांड में पुलिसिया लापरवाही
योगी ने वाराणसी के चौबेपुर स्थित छितौना कांड में पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने एसआईटी गठन के बावजूद कार्रवाई में विलंब पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों पर लगाम लगाने में भी सीएम नाराज दिखे।
सीएम योगी की बैठक में मुख्य बातें
सीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आने वाले पर्व-त्योहार जैसे धनतेरस, दीपावली, देवोत्थान एकादशी और छठ महापर्व पर सुरक्षा और शांति बनाए रखें। उपद्रवियों और अराजक तत्वों पर सख्ती बरतें। सोशल मीडिया पर चौकसी बढ़ाएं और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से परीक्षा, सार्वजनिक कार्यक्रम और संवेदनशील मामलों में सतर्क रहने और तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।






