लखनऊ| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को धान खरीद की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले प्रत्येक अन्नदाता किसान का धान हर हाल में खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाए। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का एमएसपी 2389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 69 रुपये अधिक है।
सरकार की ओर से अब तक 4,227 खरीद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि किसानों की सुविधा के लिए इनकी संख्या बढ़ाकर 5000 की जाए, ताकि गांव व कस्बों के नजदीक ही खरीद केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि अब तक 1.51 लाख किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसके साथ ही 1,984 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीद प्रक्रिया किसानों के सम्मान और हित से जुड़ी है, इसलिए पारदर्शिता, समयबद्धता और सुचारु व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।




