लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आगामी पर्व-त्योहारों और मेलों के अवसर पर प्रदेश में ‘स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता’ सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का कार्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर अधिकारी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि पर्वों और मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है, इसलिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सतर्क रहे। स्वच्छता व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, जल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा के सभी इंतजाम समय से पहले पूर्ण कर लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी धार्मिक स्थलों और मेलों के आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं को सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश की छवि जनसेवा, अनुशासन और स्वच्छता से निर्मित होनी चाहिए — यही “विकसित उत्तर प्रदेश” की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।





