त्योहारों से पहले सीएम योगी की बड़ी बैठक, कानून-व्यवस्था, धान खरीद, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर दिए सख्त निर्देश

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों, धान खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) जैसे आयोजनों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन पर्वों और मेलों के अवसर पर प्रदेश में ‘स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता’ सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का कार्य है, इसलिए प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर अधिकारी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि घाटों और मेलों में किसी भी प्रकार की अराजकता या अवांछनीय गतिविधि न होने पाए। उन्होंने कहा कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना होगा, ताकि माहौल पूर्णतः शांतिपूर्ण और श्रद्धाभाव से भरा रहे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी कहा कि संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान ‘रील’ बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती न की जाए, ताकि अनुशासन और जनसेवा की भावना बनी रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्व-त्योहारों के दौरान स्नान घाटों और मेलों में भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, फ्लोटिंग बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य उपकेंद्र, मोबाइल टॉयलेट, खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि नदियों का जलस्तर इस समय ऊंचा है और प्रवाह तेज है, ऐसे में घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सक्रिय तैनाती की जाए। बिना लाइफ जैकेट के किसी नाविक या पर्यटक को बोटिंग की अनुमति न दी जाए।

मुख्यमंत्री ने धान खरीद प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी खाद एवं उन्नत बीजों की उपलब्धता हर जिले में सुनिश्चित करें और हाल की वर्षा से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कर क्षतिपूर्ति का भुगतान नियमानुसार कराया जाए। किसानों को मुआवजे के लिए भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विशेष टीम गठित कर औचक निरीक्षण कराए जाएं। यदि किसी भी क्षेत्र में अनियमितता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को स्वयं निराश्रित गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हर गोवंश को चारा-पानी और चिकित्सा सुविधा मिले।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया और मानदेय पर कार्यरत कर्मियों को प्रत्येक माह समय पर भुगतान मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन कर्मियों को उनका हक समय पर देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘विकसित उत्तर प्रदेश@2047’ अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से 72 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। जौनपुर, गाजीपुर, हरदोई, प्रतापगढ़, बिजनौर, गोरखपुर, बरेली, सोनभद्र और गोंडा जैसे जिलों से जनता ने विकास के उपयोगी विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए ताकि प्रदेश के विकास का रोडमैप जनता के सुझावों से और मजबूत बन सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पर्व-त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अनुशासन, श्रद्धा और स्वच्छता से होनी चाहिए — यही ‘नया उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश’ की दिशा में सच्चा कदम है।

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