बारिश से फसलें चौपट, सीएम योगी के निर्देश — “तत्परता से सर्वे कराएं, प्रभावितों को तत्काल राहत दें”

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– सभी जिलाधिकारियों को निर्देश — नुकसान का आंकलन कर शासन को भेजें रिपोर्ट, राहत वितरण में देरी बर्दाश्त नहीं

लखनऊ।
लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश के कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी फसल क्षति का सर्वे तुरंत कराएं, और प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण शीघ्रता से सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि “किसी भी स्थिति में राहत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिलाधिकारी स्वयं क्षेत्र का दौरा करें, प्रभावित गांवों में जाकर नुकसान का स्थलीय निरीक्षण करें और राहत वितरण कार्यों पर व्यक्तिगत नजर रखें।
उन्होंने कहा कि “सर्वे के आधार पर फसल नुकसान का आंकलन कर आख्या शासन को तत्काल भेजी जाए, ताकि सहायता राशि समय पर जारी की जा सके।”
प्रदेश सरकार ने संबंधित विभागों — कृषि, राजस्व और आपदा प्रबंधन — को संयुक्त रूप से राहत कार्यों में सक्रिय रहने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे किसान जिनकी फसलें 33 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों की शिकायतें तुरंत दर्ज हों और उन्हें मौके पर सहायता मिल सके।
सीएम योगी ने अधिकारियों को तत्परता से सर्वे और राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करें।
फसल नुकसान का आंकलन कर शासन को भेजें रिपोर्ट।
प्रभावित किसानों को तत्काल राहत राशि दी जाए।
SDRF से सहायता देने के निर्देश।
यह निर्देश प्रदेश के कई जिलों — जैसे लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, और बस्ती — में बारिश से हुई फसल क्षति की रिपोर्टों के बाद जारी किए गए हैं।

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