– जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति की बैठक, सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश
शाहजहांपुर: जनपद में बढ़ती भीषण गर्मी एवं लू (heat wave) से संभावित जनहानि की रोकथाम के उद्देश्य से सिटी हीट एक्शन प्लान को विकसित, क्रियान्वित एवं प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट (Collectorate) स्थित बिस्मिल सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में हीटवेव प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया। इसमें जिलाधिकारी को समिति का अध्यक्ष तथा नगर आयुक्त को सदस्य-संयोजक नामित किया गया।
जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार आगरा, लखनऊ एवं प्रयागराज की भांति अब जनपद स्तर पर भी सिटी हीट एक्शन प्लान तैयार किया जाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते तापमान और लू के दुष्प्रभावों से आमजन को सुरक्षित रखना एवं स्वास्थ्य सेवाओं को समय रहते सुदृढ़ करना है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद की भौगोलिक एवं शहरी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक ठोस, व्यवहारिक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा समिति के सभी सदस्य अपने-अपने दायित्वों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
छाया, पानी, अस्पताल और जागरूकता पर विशेष फोकस
बैठक में हीटवेव से निपटने के लिए प्रमुख रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें—
सार्वजनिक स्थलों पर छायादार स्थलों का विकास,
बाजारों, बस स्टैंड व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था,
अस्पतालों में हीट-स्ट्रोक वार्ड की अग्रिम तैयारी,
एम्बुलेंस सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता,
आमजन के लिए जन-जागरूकता अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित करना
जैसे बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रीष्म ऋतु के आगमन से पूर्व जनपद हर स्तर पर सुरक्षित एवं पूरी तरह तैयार रह सके। बैठक में नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त), डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी यातायात, अग्निशमन अधिकारी सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


