फर्रुखाबाद। कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र में थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने से परेशान एक युवक को आखिरकार कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एसीजेएम कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के नगला दुर्ग गांव निवासी रोहित ने कोर्ट के आदेश पर तीन नामजद और एक अज्ञात सहित 2–3 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार रोहित ने गांव के नन्हकू का खेत बटाई पर लेकर उसमें गेहूं की फसल बोई थी। फसल पकने पर उसने करीब 150 कुंटल गेहूं कटवाकर पैकेटों में भरकर अपने घर में सुरक्षित रख लिया था।
रोहित ने बताया कि 18 अप्रैल को हरदोई जनपद के कुआंडाढ़ी गांव निवासी दीपक की हत्या के मामले में उसके भाई श्यामवीर को कथित रूप से झूठा फंसाकर जेल भेज दिया गया, जिसके चलते उसका घर बंद पड़ा रहा। इसी का फायदा उठाते हुए 20 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे आरोपियों ने घर का ताला तोड़ दिया।
आरोप है कि पप्पू, आलोक, पप्पू का साला अनिल तथा 2–3 अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर घर में रखा गेहूं, बक्से में रखे सोने-चांदी के जेवर और 25 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए।
घटना के कई दिन बाद 25 अप्रैल को जब रोहित घर लौटा, तब गांव के लोगों ने उसे चोरी की घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसने कई बार फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस जांच के नाम पर टालमटोल करती रही और रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
पुलिस से निराश होकर रोहित ने एसीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश देते हुए चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





