पहले हत्या कांड के जेवर खरीदने में आया था नाम, अब दुकान पर ही चोरी की वारदात से उठे सवाल
अमृतपुर/फर्रुखाबाद| कस्बा राजपुर स्थित ज्वेलर्स एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला दिनदहाड़े हुई चोरी का है, बल्कि दुकान के पुराने रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कादरीगेट थाना क्षेत्र के नरकसा मोहल्ला निवासी सोनलाल पुत्र जानकी प्रसाद की यह दुकान कस्बा राजेपुर में संचालित है। 18 मार्च को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच, जब दुकानदार दुकान पर मौजूद था, तभी दो अज्ञात महिलाएं ग्राहक बनकर आईं। उन्होंने आभूषण देखने के बहाने दुकानदार को बातचीत में उलझाए रखा और मौका पाकर कान के टप्स तथा नाक की बाली चोरी कर ली। घटना के बाद दोनों महिलाएं मौके से फरार हो गईं। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद बताई जा रही है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
दुकानदार को चोरी की जानकारी बाद में हुई, जिसके बाद थाना अमृतपुर में प्रार्थना पत्र दिया गया। थाना अध्यक्ष सुरक्षा सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने में जुटी हुई है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दुकान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि कीमती आभूषणों की दुकान होने के बावजूद पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती जा रही, जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।गौरतलब है कि “जी ज्वेलर्स” का नाम पहले भी कुम्हरौर गांव में हुए हत्या कांड में सामने आ चुका है, जहां लूटे गए आभूषण इसी दुकान पर बेचे जाने की बात सामने आई थी और एसओजी टीम ने उन्हें बरामद किया था। इस पुराने मामले के कारण भी दुकान की कार्यप्रणाली पहले से सवालों के घेरे में रही है।
अब ताजा घटना के बाद एक और अहम सवाल उठ रहा है कि क्या क्षेत्र में संचालित इस सर्राफा दुकान के पास आवश्यक वैधानिक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि क्या दुकानदार के पास जीएसटी रजिस्ट्रेशन है और क्या आभूषणों की बिक्री के लिए जरूरी हॉलमार्क प्रमाणन का पालन किया जा रहा है। हालांकि, इन बिंदुओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह के सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से भी जानकारी ली जा सकती है। फिलहाल पुलिस चोरी की घटना के खुलासे के प्रयास में जुटी हुई है, वहीं इस पूरे प्रकरण ने “जी ज्वेलर्स” को एक बार फिर विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया


