शमशाबाद: खंड विकास अधिकारी कार्यालय शमशाबाद (Block Development Officer Office Shamshabad) के सभागार में बुधवार को बाल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह (Child marriage) एवं बाल श्रम से जुड़े कानूनों, दुष्परिणामों और सरकारी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का नेतृत्व खंड विकास अधिकारी शमशाबाद राधेश्याम ने किया। इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह ने सभागार में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम दोनों ही कानून की नजर में गंभीर अपराध हैं। इस तरह के कृत्य करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और दोषियों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि सरकार बाल अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है। विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह बताया जा रहा है कि बच्चों से श्रम कराना या कम उम्र में उनका विवाह कर देना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है, जो कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बचपन खेलने, सीखने और शिक्षा ग्रहण करने का समय होता है, न कि जिम्मेदारियों का बोझ उठाने का।
उन्होंने आगे कहा कि जागरूकता के अभाव में आज भी बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने-लिखने की उम्र में बाल श्रम के शिकार हो रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को भी आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। जीवन के तीन ही प्रमुख पड़ाव होते हैं—बचपन, जवानी और बुढ़ापा। बचपन जीवन में केवल एक बार आता है और इसे बच्चों से छीना नहीं जाना चाहिए।
सभागार में मौजूद लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए जागरूक समाज को आगे आना होगा। स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक कर इन कुप्रथाओं का परित्याग करें। एक जिम्मेदार और अच्छे अभिभावक की भूमिका निभाना सभी का दायित्व है।
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बाल श्रम के खिलाफ लोगों को जागरूक किया और कहा कि बच्चों को शिक्षित बनाकर ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि कहीं भी बाल श्रम या बाल विवाह की जानकारी मिलती है तो उसकी शिकायत संबंधित विभागों में दर्ज कराई जा सकती है।
खंड विकास अधिकारी राधेश्याम ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा संचालित तमाम कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह, खंड विकास अधिकारी राधेश्याम, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


