– प्रदेश के सबसे ताकतवर मंत्री संग खींच तान कराकर सुर्खियों में आए
– दिल्ली का आशीर्वाद फिर कहां मायने रखते स्वतंत्र देव या फिर वो….
महोबा: प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में चरखारी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बृजभूषण राजपूत (MLA Guddu Brijbhushan Rajput) किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे वरिष्ठ नेता गंगा चरण सिंह राजपूत के पुत्र हैं और राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। जमीनी पकड़, मुखर स्वभाव और प्रशासन से सीधे टकराव के कारण बृजभूषण राजपूत अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरासत
बृजभूषण राजपूत एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी महोबा की राजनीति में दशकों से मजबूत पकड़ रही है। उनके पिता गंगा चरण सिंह राजपूत क्षेत्र में एक प्रभावशाली जननेता माने जाते रहे हैं। जनता के बीच सक्रियता और सामाजिक जुड़ाव की राजनीति उन्होंने अपने पिता से ही सीखी। इसी विरासत ने बृजभूषण को कम उम्र में ही राजनीतिक मैदान में उतार दिया।
बृजभूषण राजपूत ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चरखारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और 2017 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को लगातार उठाया। जनता के बीच सक्रिय मौजूदगी और स्थानीय मुद्दों पर मुखरता के चलते उन्होंने दूसरी बार भी विधायक के रूप में जीत हासिल की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि चरखारी में उनका जनाधार मजबूत है।
“गुड्डू भैया” की छवि चरखारी और आसपास के इलाकों में बृजभूषण राजपूत को लोग प्यार से “गुड्डू भैया” कहते हैं। वे सीधे-सपाट बोलने और मंच से बिना लाग-लपेट अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि कई बार उनके बयान और कदम राजनीतिक विवादों को भी जन्म देते रहे हैं। विवादों से पुराना नाता विधायक रहते हुए बृजभूषण राजपूत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और अपनी ही सरकार के तंत्र से टकराते नजर आए हैं।
कभी सड़क निर्माण में देरी को लेकर,कभी पेयजल संकट पर तो कभी अधिकारियों की कार्यशैली पर उनकी नाराजगी अक्सर सार्वजनिक मंचों से सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई स्थानीय वीडियो उनकी इसी बेबाक शैली को दर्शाते हैं। 30 जनवरी 2026 को महोबा में उन्होंने यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोककर अपनी ही सरकार के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। सड़क और पानी की समस्याओं को लेकर उन्होंने मंच से तीखे सवाल उठाए।
इस घटनाक्रम ने यह संकेत दिया कि बृजभूषण राजपूत संगठन से ऊपर क्षेत्रीय मुद्दों को प्राथमिकता देने वाले नेता हैं, भले ही इससे पार्टी के भीतर असहजता क्यों न पैदा हो। राजनीतिक जानकारों की मानें तो बृजभूषण राजपूत का यह रवैया उन्हें एक “जनता का विधायक” के रूप में स्थापित करता है, लेकिन साथ ही पार्टी अनुशासन को लेकर सवाल भी खड़े करता है। बुंदेलखंड जैसे उपेक्षित क्षेत्र में वे लगातार यह संदेश देने की कोशिश करते रहे हैं कि यदि विकास नहीं होगा तो सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी चाहे सरकार उनकी अपनी ही क्यों न हो।
गंगा चरण सिंह राजपूत के पुत्र और दूसरी बार विधायक बने बृजभूषण राजपूत (लोधी)गुड्डू आज महोबा की राजनीति में एक मजबूत, प्रभावशाली और विवादास्पद चेहरा हैं। उनका सफर बताता है कि वे चुपचाप राजनीति करने वाले नेता नहीं, बल्कि टकराव और संघर्ष के रास्ते अपनी पहचान बनाने वाले जनप्रतिनिधि हैं।


