लखनऊ: राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर वर्ष 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा और इस पर संचालन शुरू हो जाएगा।
सीएम योगी ने लखनऊ समेत प्रदेश में चल रहे सभी मेट्रो प्रोजेक्ट्स को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में वर्तमान में लगभग 23 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर पर संचालन जारी है। चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाला नया कॉरिडोर शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगा और पश्चिमी व पुराने इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
बैठक में कानपुर और आगरा के मेट्रो प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी गौर किया गया। कानपुर में 32.4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर काम चल रहा है, जिसमें करीब 15 किलोमीटर हिस्से पर मेट्रो संचालन शुरू हो चुका है। शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के 6.5 किलोमीटर प्राथमिक सेक्शन पर संचालन शुरू हो चुका है। शेष हिस्सा जून 2026 तक और दूसरा कॉरिडोर 2027 तक पूरा किया जाएगा।
लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ठाकुरगंज से वसंतकुंज तक एलिवेटेड रूट और डिपो निर्माण के लिए 7 कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। इनमें से 5 कंपनियां केवल डिपो निर्माण के लिए इच्छुक हैं। टेंडर में सबसे कम दर देने वाली कंपनी को प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन अनुभव और तकनीकी मानकों पर भी मूल्यांकन किया जाएगा। एलिवेटेड स्टेशनों और डिपो का टेंडर फाइनल होने के बाद अंडरग्राउंड स्टेशनों और रेल ट्रैक बिछाने के लिए अलग से टेंडर जारी किया जाएगा।
सीएम योगी ने मेट्रो परियोजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट और ऑफिस स्पेस विकसित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा विज्ञापन और डिजिटल ब्रांडिंग के माध्यम से आय बढ़ाने के भी उपाय सुझाए गए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रियों को घर और मेट्रो स्टेशन तक पहुँचने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। मेट्रो स्टेशनों को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित ट्रांसपोर्ट सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को सहज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
इस विस्तार से लखनऊ का मेट्रो नेटवर्क न केवल शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि ट्रैफिक दबाव कम करने, पर्यावरणीय सुधार और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने में भी मदद करेगा।


