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Monday, February 9, 2026

छांगुर बाबा का देशविरोधी सिंडिकेट बेनकाब

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– दुबई, सऊदी, तुर्की से संपर्क,
– 3000 से अधिक लोग नेटवर्क में शामिल

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के मधपुर गांव से पकड़ा गया छांगुर बाबा (Changur Baba) उर्फ जमालुद्दीन अब देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। धर्मांतरण की आड़ में चल रहे इस रैकेट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रविरोधी कनेक्शन सामने आ रहे हैं। राज्य एटीएस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि छांगुर बाबा न केवल अवैध धर्मांतरण में लिप्त था, बल्कि वह एक संगठित राष्ट्रविरोधी सिंडिकेट भी चला रहा था। इसके नेटवर्क में देशभर के विभिन्न हिस्सों—केरल, कर्नाटक, चेन्नई, महाराष्ट्र और यहां तक कि नेपाल से 3000 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि छांगुर के दुबई, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों से संपर्क हैं।

खुफिया सूत्रों का मानना है कि उसका संबंध कुछ प्रतिबंधित विदेशी संगठनों से भी हो सकता है। उसके घर से बरामद फाइलों में कुछ ऐसे संगठनों के नाम मिले हैं, जो पहले से ही खुफिया एजेंसियों की निगरानी में हैं। यह भी संदेह जताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से भी जुड़ सकते हैं। एटीएस ने छांगुर बाबा के घर से आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और विदेशी फंडिंग से संबंधित कुछ सुराग भी बरामद किए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि उसने बलरामपुर के मधपुर और रेहरामाफी गांवों को अपने नेटवर्क का अड्डा बनाया था ताकि दूर-दराज के इन इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचते हुए वह अपने ऑपरेशन को अंजाम दे सके। अब तक छांगुर के आठ करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी नेटवर्क की तलाश तेजी से जारी है। सुरक्षा एजेंसियां अन्य ठिकानों की भी पहचान कर रही हैं, जहां से यह सिंडिकेट संचालित हो रहा था।

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि छांगुर बाबा का नेटवर्क न केवल संगठित और योजनाबद्ध है, बल्कि इसमें आतंकी वित्तपोषण, अंतरराष्ट्रीय संपर्क और संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान जैसे गंभीर मामले भी शामिल हो सकते हैं। यह खुलासा देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलार्म है, जिससे साफ है कि धार्मिक आस्था की आड़ में देश को अस्थिर करने की एक गहरी साजिश चल रही थी, जो अब उजागर हो चुकी है।

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