लखनऊl चंद्रशेखर आजाद, जो आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद हैं, का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं, उसका जूता बनाना भी जानते हैं और समय आने पर उसे सिर पर पटककर मारना भी जानते हैं।” हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे करणी सेना के एक पदाधिकारी के बयान पर प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
दरअसल, करणी सेना के प्रदेश महामंत्री की ओर से यह कहा गया था कि चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी की धरती पर कदम नहीं रखने दिया जाएगा। इसके बाद आजाद का यह तीखा बयान सामने आया, जिसने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि वे संघर्ष करने वाले और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि वे केवल संविधान से डरते हैं और उसके खिलाफ कभी नहीं जाएंगे। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका संघर्ष सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के अधिकारों के लिए है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम हैं, लेकिन संवैधानिक दायरे में रहकर ही काम करेंगे।
बाराबंकी में आयोजित एक जनसभा में, जो कांशीराम जयंती और पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर हुई, उन्होंने प्रदेश की सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज से छीनी गई सत्ता को वापस लिया जाएगा और जो लोग उनके रास्ते में बाधा बन रहे हैं, उनका हिसाब रखा जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में पक्षपात हो रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले चुनावों से पहले बयानबाजी का दौर और तीखा होने की संभावना जताई जा रही है।


