प्रतिबंधित होने के बावजूद भी चाइनीज मांझे की धड़ल्ले से बिक्री
विगत वर्षों में घट चुकी हैं कई बड़ी घटनाएं, रोक कर की उठ रही मांगें
फर्रुखाबाद। चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद पुलिस इस खूनी मांझे के बड़े सौदागरों तक नहीं पहुंच पा रही है।रोक के बाद भी दुकानों पर बेधड़क चाइनीज मांझा बिक रहा है। कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है| जिसका परिणाम लोगों को जान तक देकर चुकाना पड़ता है| जनपद में भी चाइनीज मांझा कई घटनाओं को कर चुका है।
जानकारी के मुताबिक प्लास्टिक के डोर पर ट्यूबलाइट, बल्ब आदि के कांच का बुरादा, धातु का बुरादा, अंडे की जर्दी आदि को मिलाकर चाइनीज मांझा तैयार किया जाता है। चाइनीज मांझा बेहद मजबूत होता है। यही वजह है कि लोग इस मांझा को खरीदते हैं, लेकिन मांझा खतरनाक है। इससे कोई फंस जाए तो उसका गला तक कट सकता है। इसके साथ ही इस पर लोहे का बुरादा लगा होता जो अगर किसी बिजली के तार पर लग जाए तो करेंट भी लग सकता है। इसके साथ ही मांझा पक्षियों की जान के लिए भी घातक होता है। हवा में उड़ते पक्षी मांझे से टकराकर घायल व मौत का शिकार हो जाते हैं। खूनी मांझे के बड़े सौदागरों तक नहीं पहुंचा पा रही पुलिसचाइनीज मांझा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। पुलिस नें पिछले दिनों कुछ कार्यवाही की भी लेकिन वह कार्यवाही नाकाफी साबित हुई|
जिले में जान भी ले चुकी ड्रैगन की डोर, कई को कर चुका जख्म
पिछले साल थाना कादरी गेट के राम लीला गड्डा निवासी प्रियंका सिंह पुत्री स्वर्गीय फूल सिंह बाइक से जा रही थी| उसी दौरान जब वह खुशहाली गार्डन बढ़पुर के निकट पंहुची तो उसकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया| जिससे उसकी गर्दन भी बुरी तरह से कट गयी| उसकी गर्दन में 13 टांके लगानें पड़े|
इसी तरीके से कायमगंज के मोहल्ला चिलांका निवासी 35 वर्षीय प्रवेश कुमार की गर्दन चाइनीज मांझा से कट गयी| जिससे प्रवेश की मौत हो गयी थी। जनवरी 2023 में फतेहगढ़ के मोहल्ला केशव नगर चौरासी निवासी शिक्षक राजेश शर्मा का 25 वर्षीय पुत्र शिवम शर्मा गैस सिलेंडर भरवाने के लिए एजेंसी पर जा रहे थे| सड़क पर चलते समय अचानक शिवम के गले में चाइनीज मांझा फंस गया| इससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया| शिवम के गले से तेजी से खून निकला चाइनीज मांझा उसके गले में लिपटा हुआ था, शिवम काे निजी नर्सिंग होम में ले जाया गया जहां उसका उपचार हुआ था। फिलहाल व्यापार मंडल समेत कई समाजसेवी संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर चाइनीज मांझा की बिक्री रोकने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस ओर क्या कदम उठाता है?






