एटा। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र को शासन ने निलंबित कर दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से रिश्वत मांगने का वीडियो सामने आने के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र एक कर्मचारी से प्रति नियुक्ति 10 हजार रुपये लेने की बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक लेन-देन की चर्चा होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
वीडियो सामने आने के बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक स्तर पर मामला संदिग्ध पाए जाने पर शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीडीओ को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए शासन पहले से ही कड़े निर्देश जारी कर चुका है। ऐसे में इस प्रकार का वीडियो सामने आने से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन स्तर पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में भी हलचल देखी जा रही है और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


