लखनऊ| उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में एसटीएफ की छापेमारी लगातार तेज होती जा रही है। नशीले कफ सिरप के मास्टरमाइंड वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल के साझेदार अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। अमित सिंह टाटा का नाम बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़ने के बाद मामला और गर्मा गया। अब धनंजय सिंह के एक एक्स पोस्ट ने इस पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने एक्स पर लिखा कि कफ सिरप तस्करी मामले में “कुछ राजनीतिक विरोधी पत्रकारों को गुमराह कर रहे हैं और उनके बारे में भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि यह मामला वाराणसी से संबंधित है, इसलिए “कांग्रेस और अन्य दल प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगा रहे हैं।”
धनंजय सिंह ने सरकार से विभिन्न एजेंसियों द्वारा गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अंतरराज्यीय स्तर का मामला होने के कारण सीबीआई जांच जरूरी है, ताकि “झूठे आरोप और भ्रामक खबरें बंद हों और वास्तविक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।”
इससे पहले लखनऊ के गोमती नगर में एसटीएफ ने शुभम जायसवाल के करीबी अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार किया था, जिसके खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के दौरान बरामद फॉर्च्यूनर गाड़ी (नंबर UP 65 FN 9777) को लेकर यह खुलासा हुआ कि ऐसे वाहन धनंजय सिंह की गाड़ियों की फ्लीट में शामिल रहते हैं। इसी के बाद पूर्व सांसद की भूमिका की जांच की मांग उठी थी, जिसके जवाब में उन्होंने सीबीआई जांच की अपील की है।
मामला अब राजनीतिक, प्रशासनिक और अपराधी गठजोड़ के शक के बीच और पेचीदा होता जा रहा है।





