फतेहपुर जिले में दलित युवक के साथ मारपीट और जबरन वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने भाजपा से जुड़े एक जिला पंचायत सदस्य सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पीड़ित रमेश सोनकर ने आरोप लगाया कि 8 नवंबर 2025 को वह अपने काम में व्यस्त था, तभी गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्द कहे और फिर लाठी-डंडों व घूंसों से उसकी पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गया।
रमेश सोनकर के अनुसार, मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसके ठेले से जबरन पैसे भी निकाल लिए। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे उसे न्याय के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद थाना पुलिस ने 21 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी सुमित देव पांडेय के अनुसार, पीड़ित की तहरीर के आधार पर विक्रम सिंह, अचल सिंह, विवेक सिंह, विराज सिंह और आशुतोष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों में शामिल विक्रम सिंह भाजपा से जिला पंचायत सदस्य हैं, जिसके चलते मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।


