जालौन।जनपद में पत्रकारों पर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर विवाद गहरा गया है। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा की ओर से दो पत्रकारों समेत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मामला जालौन के उरई मुख्यालय से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह मुकदमा आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर नमामि गंगे योजना को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन खबरें प्रसारित की गईं, जिससे जनभावनाओं को ठेस पहुंची और सरकार की छवि को नुकसान हुआ।
पत्रकार संगठनों में नाराजगी
मुकदमा दर्ज होने की सूचना के बाद जिले के पत्रकार संगठनों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। पत्रकारों का कहना है कि खबरों को “भ्रामक” बताकर मुकदमा दर्ज कराना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उनका आरोप है कि सवाल उठाने और खबर प्रकाशित करने के बजाय डराने की नीति अपनाई जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर विधायक पक्ष का कहना है कि गलत और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सरकारी योजनाओं को बदनाम किया गया, वहीं दूसरी ओर पत्रकारों का दावा है कि खबरें तथ्यों पर आधारित थीं और जनहित से जुड़ी थीं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपना सकते हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि जनप्रतिनिधियों की आलोचना और पत्रकारिता की सीमा कहां तक है, और क्या सवाल पूछना अब अपराध की श्रेणी में आ रहा।


