सरकार ने खत्म किया जेल भेजने का नियम, अब ‘सुगम व्यापार’ की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापारियों और उद्यमियों को राहत देने वाला ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से “यूपी सुगम व्यापार अध्यादेश 2025” को मंजूरी दी गई है। इस अध्यादेश के तहत अब व्यापार और उद्योग से जुड़े 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान खत्म कर दिए गए हैं।
सरकार के इस कदम से व्यापार जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी उद्यमी या व्यापारी को गड़बड़ी या उल्लंघन की स्थिति में सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा। इसके बजाय आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था लागू होगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को और गति मिलेगी तथा निवेश का माहौल मजबूत होगा।
अधिकारियों के अनुसार, पहले की व्यवस्था में कई छोटे उद्यमी मामूली त्रुटियों पर भी आपराधिक मामलों में फंस जाते थे, जिससे व्यापारिक माहौल प्रभावित होता था। अब इस संशोधन से व्यवसाय करने की स्वतंत्रता और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अध्यादेश राज्य के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि “उद्योग और व्यापार जगत हमारे विकास की रीढ़ हैं, सरकार का उद्देश्य उन्हें भयमुक्त और सुगम वातावरण प्रदान करना है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि “यूपी सुगम व्यापार अध्यादेश 2025” लागू होने से न केवल छोटे व मध्यम उद्यमों को राहत मिलेगी बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।





